कायाकल्प फाइनल मूल्यांकन के तहत तीन सदस्यीय टीम ने जिला अस्पताल सतना के सभी विभागों का गहन निरीक्षण कर सेवाओं, स्वच्छता और प्रबंधन की सराहना की।
मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सतना जिला अस्पताल का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं में तेजी से सुधार के निर्देश दिए। 32.54 करोड़ की लागत से बनने वाले 150 बेडेड नवीन भवन का कार्य अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का आदेश दिया गया। सितंबर माह में 3236 सर्जरी और 865 प्रसव को बड़ी उपलब्धि बताया गया। सांसद गणेश सिंह ने भी सोनोग्राफी और ब्लड सेपरेशन यूनिट की व्यवस्था पर जोर दिया।
कोठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। अस्पताल परिसर में न साफ-सफाई है, न पर्याप्त पंखे, न पीने का पानी। एकमात्र हैंडपंप से गंदा पानी निकलता है और वाटर कूलर-आरओ मशीनें शोपीस बनकर खड़ी हैं। आवारा जानवरों का जमावड़ा और गंदगी से मरीज और परिजन बेहाल हैं।
सतना जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी 16 सितम्बर को सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। सीएमएचओ को ज्ञापन सौंपकर ई-अटेंडेंस और सेवा समाप्ति का विरोध जताया गया। टीकाकरण दर बढ़ाने के लिए कार्यशाला भी आयोजित हुई।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने हाट बाजारों और दूरदराज के क्षेत्रों में सिकल सेल और टीबी की स्क्रीनिंग के लिए शिविर आयोजित करने पर जोर दिया है। उन्होंने सिकल सेल अभियान की अवधि बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुँचाने के लिए जनप्रतिनिधियों के सहयोग की अपील भी की।
सतना जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सरदार वल्लभभाई पटेल में चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सायंकालीन ओपीडी में डॉक्टरों की गैरहाज़िरी और मरीजों की तड़पती लाइनें जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। पढ़ें इस ग्राउंड रिपोर्ट में डॉक्टरों की लापरवाही और सिस्टम की चुप्पी की पूरी सच्चाई।
सिरमौर का 100 बिस्तरों वाला सिविल अस्पताल विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी से जूझ रहा है। बुखार सहित सामान्य बीमारियों का इलाज भी संभव नहीं, मरीजों को रीवा जैसे जिला मुख्यालयों तक भटकना पड़ रहा है।
चित्रकूट जिले के थर पहाड़ गांव में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में मरीजों को पीठ पर लादकर अस्पताल ले जाना पड़ता है। यह स्थिति विकास की हकीकत और सिस्टम की असलियत को उजागर करती है।
सतना के कृष्णनगर स्थित सरस्वती विद्यालय में आज से दो दिवसीय मेगा हेल्थ कैंप का शुभारंभ होगा, जिसमें दिल्ली के एक्शन कैंसर हॉस्पिटल और श्री बालाजी मेडिकल इंस्टिट्यूट के विशेषज्ञ 2500 मरीजों की मुफ्त जांच करेंगे। शिविर में कैंसर की विशेष जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिसमें पैप स्मीयर टेस्ट सहित कई आधुनिक जांचें शामिल हैं।
सतना जिला अस्पताल के पीआईसीयू वार्ड में वर्ष 2025 के पहले पांच महीनों में 31 बच्चों की मौत हुई और 64 बच्चों को हायर सेंटर रेफर किया गया। सुविधाओं की कमी, न्यूरोसर्जन का अभाव और ओवरलोडेड बेड्स इस संकट के प्रमुख कारण हैं।






















